बांदा जिला, उत्तर प्रदेश

बांदा ज़िला भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक ज़िला है। ज़िले का क्षेत्रफल 4,408 वर्ग किमी है तथा बांदा कस्बा ज़िले का मुख्यालय है। यह ज़िला चित्रकूट मंडल के अन्तर्गत आता है।

ब्रिटिश राज में बांदा संयुक्त प्रान्त के इलाहबाद मंडल में एक ज़िला था। १९९८ में कर्वी और मऊ तहसीलों को ज़िले अलग करके नया चित्रकूट जिला बनाया गया।

यह ज़िला 24°32′N 80°04′E / 24.53°N 80.07°E / 24.53; 80.07 से 25°33′N 81°20′E / 25.55°N 81.34°E / 25.55; 81.34 निर्देशांकों के मध्य स्थित हैं। ज़िलें में बाघिन, केन तथा यमुना मुख्य नदियाँ हैं। पठारी भूमि होने के कारण भूमि काफी उबड़ खाबड़ है। ज़िले के उत्तर में फतेहपुर जिला, पूर्व में चित्रकूट जिला, पश्चिम में हमीरपुरमहोबा जिला तथा दक्षिण में मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर तथा सतना ज़िला स्थित है।

यह की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से कृषि पर निर्भर है। मुख्य फसलें चावल, गेहूँ तथा सब्जियाँ हैं।

२००६ में पंचायती राज मंत्रालय ने २५० सर्वाधिक पिछड़े ज़िलों की सूची में रखा।[2]

ज़िले में चार तहसीलें हैं — बांदा, नरैनी, बबेरू, अतर्रा है[3] जिसमे आठ प्रखण्ड बन्दोखर खुर्द, पैलानी, जसपुरा, तिन्दवारी, महुआ, बबेरू, बिसंदा तथा कमासिन।

२०११ जनगणना के अनुसार बांदा ज़िले की जनसंख्या 17,99,410 है, जिसमे 9,65,876 पुरुष तथा 8,33,534 महिलाएँ हैं।[1] यह जनसंख्या लगभग गाम्बिया के बराबर है।[4] इस प्रकार से जनसंख्या के अनुसार इस ज़िले भारत के ६४० ज़िलों में स्थान २६५वाँ स्थान है।[1] यहाँ का जनसंख्या घनत्व 408 प्रत्येक वर्ग किलोमीटर में निवासी (1,060/वर्ग मील) है।[1] इस ज़िले में २००१-११ के दौरान दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 17.05% रही।[1] ज़िले की लिंगानुपात दर ८६३ है तथा ६६.६७% साक्षरता दर है। ज़िले की १५.३२% जनसंख्या नगरीय क्षेत्रों तथा ८४.६८% जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।[1]

यहाँ का प्रमुख बहुसंख्यक धर्म हिन्दू है, जो कि कुल जनसंख्या का ९१% है। अन्य अल्पसंख्यक धर्म मुस्लिम ८.७६%, ईसाई ०.०८%, जैन ०.०५%, सिक्ख ०.०१% तथा बौद्ध ०.०१% हैं। ०.०८% लोगों ने अपने धर्म का उल्लेख नहीं किया है।[1]

ज़िले की प्रमुख भाषा बुंदेली है, जो कि ७२ से ९१% हिन्दी भाषा के समान है।[5]